Success Story: पढ़ें उस लड़की के हौसले की कहानी, जो कोमा से निकलकर बनी IRS अधिकारी

IAS Success Story: वैसे तो हमने कई IAS अधिकारिओ की सफलता के बारे में पढ़ा या फिर सुना होगा लेकिन आज हम ऐसी लड़की के बारे में बताने वाले है, जिसे केवल 2 साल की उम्र में ही पोलियो हो गया था जिस वजह से वह कोमा में चली गई और डेढ़ साल तक कोमा से लड़कर उन्होंने अपनी स्कूल तथा कॉलेज की पढाई पूरी की, और इसी बीच उन्होंने अपने मन में ठान लिया की वह आईएएस की तैयारी करेंगी, उसके बाद तो उनके घर वालों ने समझ लिया था कि उन पर कोई भूत चढ़ गया है. ऐसी स्‍थिति में उन्‍होंने कैसे की तैयारी और कैसे बनीं IRS ऑफिसर, आइए जानते हैं.

UPSC IAS Success Story

सारिका जैन का जन्म ओडिशा के छोटे से कस्बे कंटावाझी में हुआ और केवल 2 साल की उम्र में ही सारिका को पोलियो हो गया था लेकिन उस समय उनके माता-पिता को पोलियो के बारे में कुछ पता नहीं था लेकिन जब उन्हें डॉक्टर के पास दिखाया गया तो डॉक्टर को लगा की सारिका को मलेरिया हो गया है और उन्हें इंजेक्शन दे दिया जिस कारण से सारिका के शरीर ने 50 प्रतिशत काम करना बंद कर दिया और सारिका कोमा में चली गई,


लगभग डेढ़ साल तक रही कोमा में 

सारिका लगभग डेढ़ साल तक कोमा में रही लेकिन मातापिता के भरपूर प्रयाश के कारण 4 साल की उम्र में सारिका ने चलना सुरु किआ,


शादी का दबाव 

अपना ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद सारिका के माता पिता चाहते थे कि उनकी शादी हो जाए लेकिन पोलियोग्रस्‍त लड़की से कौन शादी करना चाहेगा. इसलिए लोगों को लगा कि उनकी शादी नहीं हो पाएगी.


शुरू की CA की तैयारी 

सारिका ने एक इंटरव्यू में बताया , ‘मैंने घर वालों से CA की तैयारी करने की अनुमति मांगी. पैरेंट्स ने मेरा साथ दिया. इसके बाद मैंने तैयारी शुरू कर दी. हालांकि लंबे वक्‍त तक घर पर रहने के बाद मैं क्रेडिट और डेबिट तक भूल चुकी थी लेकिन हार नहीं मानीं.आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद मैंने CA का एग्‍जाम क्रैक कर लिया था. अब CA बन चुकी थी.



सारिका अब CA बन चुकी थी. इसी दौरान एक बार ट्रेन के सफर के दौरान सारिका को किसी ने IAS के बारे में में बताया. सारिका एक इंटरव्‍यू में कहती हैं, मैंने उनसे पूछा कि ये IAS होता क्‍या है.अधिकारी बनने के लिए इतना पता था कि अब मुझे यही अधिकारी बनना है.


UPSC का भूत 

सारिका बताती हैं, 'जब मैंने घर वालों को बताया कि अब मुझे UPSC की तैयारी करनी है. घर वालों ने सोच लिया था कि मेरे ऊपर भूत चढ़ गया है क्‍या.अच्‍छा खासा करियर छोड़कर मैं ये क्‍यों करना चाहती हूं लेकिन मैंने उन्‍हें समझाया, तब उन्‍होंने मुझे डेढ़ साल का वक्‍त दिया.


मेहनत रंग लाई

Sarika Jain बताती हैं, डेढ़ साल की मेहनत में मैने जी-जान लगा दी. अपनी दम पर दिल्‍ली आकर कोचिंग की. फाइनली साल 2013 में मैंने ये एग्‍जाम क्रैक कर लिया. मैंने 527 रैंक हासिल की थी.

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