Bija Mantra List 2022 PDF

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LangaugeHindi / Bengali / English
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What is Bija (Beej) Mantra (बीज मंत्र क्या है?)

Bija Mantras are sounds endowed with great spiritual powers believed in Hinduism, also known as Vedic Beej Mantras. Where does it go that these Bija Mantras work like a battery in a human being and at the same time if you chant these Bija Mantras with concentration then this Bija Mantra fulfills the wishes of the devotees and provides them with a protective shield. that all dangers or obstacles that come to them are removed.

Just as we get a tree by sowing a seed and after that it is used in various ways and at the same time it gives us fruit, in the same way Bija Mantra is like a seed whose chanting gives us all kinds of problems.

The solution is found and a protective shield is formed around us that protects us from all the difficulties that come. Beej Mantra of each God is also different

Benefits (बीजमंत्र के फ़ायदे)

It is said that if you chant all these Bija (Beej) Mantra with true heart then you get full benefit of it and your life is always full of happiness.

It is also believed that if you chant the miraculous and effective beach mantras, then you can get rid of all kinds of problems related to water, fire, air in all directions.

By the use of Bija Mantra, one gets rid of all kinds of diseases, all kinds of fear, anxiety, trouble, attachment, illusion.

You should chant Beej Mantra in all situations of happiness and sorrow.

Origin of Beeja Mantra (बीज मंत्र का उद्गम कहाँ से हुआ)

The origin of all Bija Mantra is believed to be from the original Vedic mantra OM. It is said that all Bija Mantras have been born through OM. Bija Mantra can be divided into the following categories.

बीज मंत्र

  • ओम ja ( ब्राह्मण का बीज मंत्र )
  • श्रीम: श्रीं ( लक्ष्मी का बीज मंत्र )
  • क्रीम: क्रीक
  • हरौंग: ह्रौं ( शिव का बीज मंत्र )
  • ऐंग: ऐं ( सरस्वती का बीज मंत्र )
  • गंग: गणपति का बीज (बीज मंत्र )  ja
  • हूम: हूँ
  • फत: फेट
  • ह्रीं: ह्रीं
  • क्लिंग: क्लीं ( कृष्ण का बीज मंत्र )

गं (गणपति बीज)
इसमें ग्- गणेश, अ- विघ्ननाशक एवं बिंदु- दुखहरण हैं। इस प्रकार इस बीज का अर्थ है- विघ्ननाशक श्री गणेश मेरे दुख दूर करें। इस मंत्र के जप से दुर्भाग्य भी सौभाग्य में बदल जाता है और पैसा आने लगता है।

श्रीं (लक्ष्मी बीज)
इसमें श्- महालक्ष्मी, र्- धन संपत्ति, ई- महामाया, नाद- विश्वमाता तथा बिंदू- दुखहरण हैं। इसका अर्थ है- धन संपत्ति की अधिष्ठात्री माता लक्ष्मी मेरे दुख दूर करें। इस मंत्र के प्रयोग से सभी प्रकार के आर्थिक संकट दूर होते हैं, कर्ज से मुक्ति मिलती है और शीघ्र ही धनवान व पुत्रवान बनते हैं।

क्लीं (कृष्ण बीज)
इसमें क- श्रीकृष्ण, ल- दिव्यतेज, ई- योगेश्वर एवं बिंदु- दुखहरण है। इस बीज का अर्थ है- योगेश्वर श्रीकृष्ण मेरे दुख दूर करें। यह मंत्र साक्षात भगवान वासुदेव को प्रसन्न करने के लिए है। इससे व्यक्ति को अखंड सौभाग्य मिलता है और मृत्यु के उपरांत वह बैकुंठ में जाता है।

हं (हनुमद् बीज)
इसमें ह्- हनुमान , अ- संकटमोचन एवं बिंदु- दुखहरण है। इसका अर्थ है- संकटमोचन हनुमान मेरे दुख दूर करें। बजरंग बली की आराधना के लिए इससे बेहतर मंत्र नहीं है।

हौं (शिव बीज)
इस बीज में ह्- शिव ?, औ- सदाशिव एवं बिंदु- दुखहरण है। इस बीज का अर्थ है- भगवान शिव मेरे दुख दूर करें। इस बीज मंत्र से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। इससे व्यक्ति पर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं और रोग, शोक, कष्ट, निर्धनता आदि से मुक्ति मिलती है।

ऐं (सरस्वती बीज)
ऐ- सरस्वती, नाद- जगन्माता और बिंदु- दुखहरण है। इसका अर्थ है- जगन्माता सरस्वती मेरे दुख दूर करें। इस बीज मंत्र के जप से मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है और विद्या, कला के क्षेत्र में व्यक्ति दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता चला जाता है।

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