श्री गणपती स्तोत्र | Ganesh / Ganpati Stotra PDF

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Today we have brought for you Ganpati Stotra pdf Lord Ganesha is one of the most worshipped Hindu gods. Son of Shiva and Parvati, Ganesha is an elephant-faced God who is believed to be the carrier of good luck and is worshipped before every new beginning by devotees. The ritual of worshipping Lord Ganesha before every important event is called Ganesh Vandana.

गणेश भगवान जी को समस्त विघ्नों का हरण करने वाला माना जाता है गणेश भगवान को सभी देवों में सबसे ज्यादा पूज्य माना जाता है यानी किसी भी तरीके से कोई भी पूजा, पाठ भारत में किया जाता है तो सबसे पहले गणेश भगवान की पूजा की जाती है क्योंकि गणेश भगवान जी को विघ्नहर्ता माना जाता है और किसी भी समस्याओं को दूर ले जाने वाला माना जाता है।

जो व्यक्ति गणेश भगवान की पूजा करता है उसकी सभी दुख दर्द तथा सभी प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती है। गणेश भगवान जी को सभी देवों से सभी प्रकार की शक्तियां मिली है तथा गणेश भगवान को सबसे पहले पूजा जाने का भी वरदान उन्हें प्राप्त है।

गणेश भगवान जी भगवान शिव जी तथा माता पार्वती के पुत्र हैं जिन्हें हिंदू धर्म में कई और अन्य नामों से जाना जाता है और विशेष पूजा की जाती है चाहे कोई भी काम शुरू करें तो सबसे पहले गणेश भगवान को याद किया जाता है.

गणपती स्तोत्र Ganesh Stotra Lyrics

प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम।
भक्तावासं: स्मरैनित्यंमायु:कामार्थसिद्धये।।1।।

प्रथमं वक्रतुंडंच एकदंतं द्वितीयकम।
तृतीयं कृष्णं पिङा्क्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम।।2।।

लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च।
सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टकम् ।।3।।

नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम।।4।।

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेन्नर:।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वासिद्धिकरं प्रभो।।5।।

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम्।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ।।6।।

जपेद्वगणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै: फलं लभेत्।
संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: ।।7।।

अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वां य: समर्पयेत।
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत:।।8।।

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