महालक्ष्मी मंत्र | Mahalaxmi Mantra PDF in Hindi

महालक्ष्मी मंत्र Mahalaxmi Mantra Full Lyrics in Hindi PDF Download

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LanguageHindi
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माता लक्ष्मी को धन संपत्ति वैभव तथा सुख की देवी कहा जाता है ऐसा कहा जाता है कि अगर आप शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी का मंत्र जाप करते हैं तो आपके जीवन में धन संपत्ति से संबंधित सभी समस्याएं दूर हो जाती है ।

महालक्ष्मी मंत्र ऐसा मंत्र है जिसका जाप करने से महालक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी इसके अलावा इस मंत्र को करने से वहां लक्ष्मी जी जल्दी प्रसन्न होती हैं तथा आपके घर में सदैव धन की कमी दूर हो जाती है.

साथ ही ऐसा कहा जाता है कि अगर आप Mahalaxmi Mantra का जाप 108 बार 16 दिनों तक करते हैं तो आपके घर में सौभाग्य प्राप्ति होती हैं तथा जो धन आपका वर्षों से अटका पड़ा है वह भी महालक्ष्मी जी के आशीर्वाद से मिल जाता है इस मंत्र को पढ़ने से आपका जीवन कल्याणकारी तथा सुखी हो जाता है ।

वैसे तो आप महालक्ष्मी जी की पूजा कभी भी कर सकते हैं लेकिन शुक्रवार के दिन विशेष पूजा करने से आपको माता लक्ष्मी का विशिष्ट आशीर्वाद प्राप्त होता है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार माता लक्ष्मी जी का जन्म समुद्र मंथन से हुआ था समुद्र मंथन से जो रत्न, शंक, मोती, कोड़ी जैसे अमूल्य सामान उत्पन्न हुए उसे महालक्ष्मी का ही रुप माना गया है। महालक्ष्मी जी की पूजा करने से आपके घर में सुख समृद्धि प्राप्त होती है.

साथ ही सभी भक्तों का यह कहना है, कि शुक्रवार के दिन Mahalaxmi Mantra का जाप करने से कभी भी धन की कमी नहीं होती इसीलिए आपको महालक्ष्मी मंत्र का जाप हमेशा करना चाहिए ।

Mahalakshmi Mantra Lyrics

नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।

शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्षि्म नमोस्तु ते॥1॥

नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि।

सर्वपापहरे देवि महालक्षि्म नमोस्तु ते॥2॥

सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि।

सर्वदु:खहरे देवि महालक्षि्म नमोस्तु ते॥3॥

सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्ति मुक्ति प्रदायिनि।

मन्त्रपूते सदा देवि महालक्षि्म नमोस्तु ते॥4॥

आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्ति महेश्वरि।

योगजे योगसम्भूते महालक्षि्म नमोस्तु ते॥5॥

स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्ति महोदरे।

महापापहरे देवि महालक्षि्म नमोस्तु ते॥6॥

पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि।

परमेशि जगन्मातर्महालक्षि्म नमोस्तु ते॥7॥

श्वेताम्बरधरे देवि नानालङ्कारभूषिते।

जगत्सि्थते जगन्मातर्महालक्षि्म नमोस्तु ते॥8॥

महालक्ष्म्यष्टकं स्तोत्रं य: पठेद्भक्ति मान्नर:।

सर्वसिद्धिमवापनेति राज्यं प्रापनेति सर्वदा॥9॥

एककाले पठेन्नित्यं महापापविनाशनम्।

द्विकालं य: पठेन्नित्यं धनधान्यसमन्वित:॥10॥

त्रिकालं य: पठेन्नित्यं महाशत्रुविनाशनम्।

महालक्ष्मीर्भवेन्नित्यं प्रसन्ना वरदा शुभा॥11॥

Mahalaxmi Mantra -2

ॐ महा लक्ष्मी नमोः नमः
ॐ विष्णु प्रयायी नमोः नमः
ॐ धन प्रदाय नमोः नमः
ॐ विश्व जन्नन्या नमोः नमः

ॐ महा लक्ष्मी नमोः नमः
ॐ विष्णु प्रयायी नमोः नमः
ॐ धन प्रदाय नमोः नमः
ॐ विश्व जन्नन्या नमोः नमः

ॐ महा लक्ष्मी नमोः नमः
ॐ विष्णु प्रयायी नमोः नमः
ॐ धन प्रदाय नमोः नमः
ॐ विश्व जन्नन्या नमोः नमः

ॐ महा लक्ष्मी नमोः नमः
ॐ विष्णु प्रयायी नमोः नमः
ॐ धन प्रदाय नमोः नमः
ॐ विश्व जन्नन्या नमोः नमः

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