सरस्वती प्रार्थना | Saraswati Prarthana PDF

You are currently viewing सरस्वती प्रार्थना | Saraswati Prarthana PDF

Download PDF of Saraswati Prarthana Lyrics in Hindi

सरस्वती प्रार्थना (Saraswati Prarthana pdf) में सरस्वती माता से प्रार्थना की गई है कि हमें ज्ञान प्रदान करें और भारत को पूरे विश्व का मुकुट बनाएं और हमें बल प्रदान करें जिससे कि हम आगे बढ़ पाए साथ ही साथ हमारे हृदय में साहस और शीलता भरें जिससे कि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करें और आगे कहा गया है हमें जीवन में त्याग करने को सिखाएं तथा किसी भी काम को करने के लिए संयम तथा हमेशा सत्य और इसने का वरदान दे और हमें हमेशा स्वाभिमानी रखें किसकी आगे कहा गया है कि हमें लव कुश ध्रुव और प्रह्लाद जैसा बनाएं जिससे कि हम मानवता की रक्षा कर सकें और सीता माता सावित्री और दुर्गा माता की तरह हमारे पास अनेक गुण हो तथा हमेशा हमें अच्छी बुद्धि प्रदान करें।

इस प्रकार संपूर्ण प्रार्थना में अपने लिए कुछ न कुछ मांगा गया है जो व्यक्ति सरस्वती प्रार्थना को रोजाना करता है उसके जीवन में गीत सभी उचित गुण आ जाते हैं और वह हमेशा आगे बढ़ता है।

Saraswati Prarthana PDF सरस्वती प्रार्थना
Saraswati Prarthana

We have given below the link of Maa सरस्वती प्रार्थना – Saraswati Prarthana PDF With hindi Lyrics you all can download complete pdf.

Saraswati Prarthana Lyrics (सरस्वती प्रार्थना)

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी
अम्ब विमल मति दे।
अम्ब विमल मति दे ।
जग सिरमौर बनायें भारत ,
वह बल विक्रम दे। अम्ब विमल मति दे ।

साहस , शील हृदय में भर दे ,
जीवन त्याग – तपोमय कर दे ,
संयम , सत्य , स्नेह का वर दे ।
स्वाभिमान भर दे , अम्ब विमल मति दे ।। 1 ।।
हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी
अम्ब विमल मति दे।अम्ब विमल मति दे ॥

लव , कुश , ध्रुव , प्रह्लाद बनें हम,
मानवता का त्रास हरे हम ,
सीता , सावित्री , दुर्गा माँ ,
फिर घर – घर भर दे । अम्ब विमल मति दे ॥2 ॥
हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी
अम्ब विमल मति दे । अम्ब विमल मति दे ॥

॥ भारत माता की जय॥

English Lyrics

he hansavaahinee gyaanadaayinee
amb vimal mati de.
amb vimal mati de .
jag siramaur banaayen bhaarat ,
vah bal vikram de. amb vimal mati de .

saahas , sheel hrday mein bhar de ,
jeevan tyaag – tapomay kar de ,
sanyam , saty , sneh ka var de .
svaabhimaan bhar de , amb vimal mati de….2
he hansavaahinee gyaanadaayinee
amb vimal mati de.amb vimal mati de .

lav , kush , dhruv , prahlaad bane ham,
maanavata ka traas hare ham ,
seeta , saavitree , durga maa ,
phir ghar – ghar bhar de . amb vimal mati de…..2
he hansavaahinee gyaanadaayinee
amb vimal mati de . amb vimal mati de .

bhaarat maata kee jay……

सरस्वती प्रार्थना | Saraswati Prarthana PDF Download

Download PDF Now


REPORT THIS

If the download link of सरस्वती प्रार्थना | Saraswati Prarthana PDF is not working or if any way it violates the law or has any issues then kindly Contact Us. If सरस्वती प्रार्थना | Saraswati Prarthana PDF contain any copyright links or material then we will not further provide its pdf and any other downloading source.

Leave a Reply