Shri Krishna Govind Hare Murari Lyrics PDF | श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी

भगवान श्रीकृष्ण त्रिदेवों में से एक विष्णु भगवान जी के आठवें अवतार हैं. इसलिए कृष्ण भगवान को प्रसन्न करने के लिए इस महामंत्र को बोला जाता है. Shri Krishna Govind Hare Murari की Lyrics pdf को नीचे आर्टिकल में दिया गया है।

इस भजन में भगवान श्रीकृष्ण जी प्रार्थना की गई है कि आप मुझे भक्ति की तरफ  आकर्षित करें. आप स्वामी हैं, और मैं आपका बालक हूं. इसलिए आप मेरे प्राणों की रक्षा करें. मेरे सभी प्रकार के दुखों को हर लीजिए.

TitleShri Krishna Govind Hare Murari Lyrics
LanguageHindi & English
Pages1
Size57KB
SourcePDFNOTES.CO

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी लिरिक्स हिंदी में

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी…॥

बंदी गृह के, तुम अवतारी
कही जन्मे, कही पले मुरारी
किसी के जाये, किसी के कहाये
है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
गोकुल में चमके, मथुरा के तारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे
बट गए दोनों में, आधे आधे
हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल
सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
वही गए वही, गए वही गए
जहाँ गए पुकारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

गीता में उपदेश सुनाया
धर्म युद्ध को धर्म बताया
कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा
यह सन्देश तुम्ही से पाया
अमर है गीता के बोल सारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बंधू सखा त्वमेव
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देव देवा

भजन का अर्थ

हे भगवान श्री कृष्ण आप समस्त जगत को अपनी और आकर्षित करने वाले हो. आपको गोविंद भी कहा जाता है क्योंकि भगवान श्री कृष्ण गाय माता के परम रक्षक है. आप हमारे दुखों को हर लीजिए. जिस प्रकार आपने मुरा नामक राक्षस का वध किया था. उसी प्रकार मेरे सभी अवगुणों को हर लीजिए. हे ईश्वर मैं आपका बालक हूं. आप मेरे प्राण की रक्षा करें.

माता और पिता, मालिक हमारे दोस्त हैं. ईश्वर आप हमारे प्राण की रक्षा करें. आपका जन्म बंदी गृह में हुआ है. आपका जन्म कहीं और हुआ और आप कहीं और पले बड़े. आप माता देवकी तथा वसुदेव की पुत्र हैं. लेकिन माता यशोदा और नंद जी के पुत्र कहलाते हैं.

आपकी प्रत्येक बात अद्भुत तथा निराली होती है. आपका जन्म मथुरा में हुआ लेकिन गोकुल में आपका लालन पोषण हुआ. हे भगवान श्री कृष्ण आप मेरे प्राणों की रक्षा करें.

आपके होठों में मुरली है तथा दया नहीं राधा जी का वास है. आप दोनों आधा-आधा बँटे हुए हो. आप अपने सभी भक्तों की रखवाले हो. आपने अपनी सभी भक्तों के कार्य को सफल बनाया है. आप उसी की मदद करने चल पड़ते हो, जो आपको पुकारता है.

भगवद् गीता में आपने अर्जुन को उपदेश दिए. इसमें आपने कहा कि धर्म की रक्षा के खातिर किया जाने वाला युद्ध धर्म ही कहलाता है. अर्थात जब अधर्म बढ़ जाता है, तो धर्म को बचाने के लिए युद्ध करना पड़ता है. गीता में बताए गए समस्त प्रकार की उपदेश आपने ही दिए हैं. तथा ये सभी हमारे हैं.

Shri Krishna Govind Hare Murari Lyrics in English

Shri Krishna Govinda Hare Murari
He Nath Narayan Vasudeva

Pitu Maat Swami Sakha Hamare
He Nath Narayan Vasudeva

Shri Krishna Govinda Hare Murari…..

Bandi Grah Ke Tum Avatari
Kahi Janme Kahi Pale Murari
Kisi Ke Jaye Kisi Ke Kahaye
Hai Adbhud Har Baat Tihari
Gokul Mein Chamake Mathura Ke Tare
He Nath Narayan Vasudeva

Shri Krishna Govinda Hare Murari…..

Adhar Pe Banshi Hraday Mein Radhe
Bat Gaye Donon Mein Aadhe Aadhe
He Radha Naagar He Bhakt Vatsalya
Sadaiv Bhakton Ke Kaam Sadhe
Vahi Gaye Vahi Gaye Vahi Gaye
Jaha Gaye Pukare
He Nath Narayan Vasudeva

Shri Krishna Govinda Hare Murari…..

Geeta Mein Upadesh Sunaya
Dharm Yuddh Ko Dharm Bataya
Karm Tu Kar Mat Rakh Phal Ki Ichchha
Yah Sandesh Tumhi Se Paya
Amar Hai Geeta Ke Bol Sare
He Nath Narayan Vasudeva

Shri Krishna Govinda Hare Murari…..

Tvamev Mata Cha Pita Tvamev
Tvamev Bandhu Sakha Tvamev
Tvamev Vidya Dravinan Tvamev
Tvamev Sarvan Mam Dev Deva

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